आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों के सहयोग से ASME का IMECE इंडिया 2025, भविष्य के इंजीनियरिंग संवाद के लिए शोध, उद्योग और शिक्षा जगत को एक मंच प्रदान करता है
Date -
September 12, 2025
  • ASME का उद्घाटन समारोह भारत में स्थिरता, नवाचार, समावेशिता और शिक्षा एवं उद्योग जगत के सहयोग पर जोर देने के साथ-साथ भारत के एमएसएमई, इनोवेशन स्क्वायर में हार्डवेयर-आधारित स्टार्टअप्स और इंजीनियरिंग शिक्षा संगोष्ठी, इंजीनियरिंग में महिला पैनल और एक्सपो शोकेस द्वारा भविष्य के लिए तैयार कौशल के बारे में भी बताता है। 
  • यह कार्यक्रम केरल की ICT अकादमी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर का गवाह बना और इस कार्यक्रम के मुख्‍य वक्‍ताओं में आंध्र प्रदेश सरकार के एमएसएमई मंत्री, श्री श्रीनिवास कोंडापल्ली, स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक श्री पवन कुमार चंदाना और आंध्र प्रदेश एमएसएमई विकास निगम के अध्यक्ष श्री तम्मिरेड्डी शिवशंकर राव शामिल थे।

राष्ट्रीय, 12 सितंबर 2025: अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (ASME) ने आज अपना प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मैकेनिकल इंजीनियरिंग सम्‍मेलन और प्रदर्शनी (IMECE) इंडिया 2025 को जारी रखा। यह दुनिया का सबसे बड़ा मैकेनिकल इंजीनियरिंग सम्मेलन है और हैदराबाद में इसका आयोजन पहली बार किया गया। इस सम्‍मेलन में प्रेरक भाषणों और नीतिगत विचारों द्वारा इंजीनियरिंग और नवाचार में भारत की अग्रणी भूमिका पर प्रकाशा डाला गया । इस सम्‍मेलन में शोध, शिक्षा और उन्नत विनिर्माण में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्‍य से ASME और केरल की ICT अकादमी के बीच एक सहमति ज्ञापन(MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

 इसमें कई जाने-माने नेताओं ने अपने भाषणों द्वारा अपने विचार व्‍यक्‍त किए, जिनमें डॉ. षणमुगा सुंदरम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, IMECE इंडिया 2025; डॉ. लेस्टर के. सु, अध्यक्ष, ASME; माननीय मुख्य अतिथि - श्री श्रीनिवास कोंडापल्ली, मंत्री, MSME,SERP, और NRI अधिकारिता और संबंध, आंध्र प्रदेश सरकार, IMECE 2025, आंध्र प्रदेश MSME विकास निगम के अध्यक्ष- श्री तम्मिरेड्डी शिवशंकर राव, और श्री पवन कुमार चंदाना, सह-संस्थापक, स्काईरूट एयरोस्पेस शामिल थे। IMECE 2025 ने वैश्विक इंजीनियरिंग और नवाचार के क्षेत्र को आगे बढा़ने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया।

माननीय मुख्य अतिथि श्री श्रीनिवास कोंडापल्ली, मंत्री, एमएसएमई, आंध्र प्रदेश सरकार, ने कहा, "मैं ASME के ​​IMECE इंडिया 2025 में शामिल होकर, खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। अपने मज़बूत बुनियादी ढाँचे, क्षेत्रीय पार्कों और नवाचार केंद्रों के साथ, आंध्र प्रदेश विनिर्माण, MSME और निर्यात के केंद्र के रूप में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, यह भारत के कुल निर्यात में लगभग 8% का योगदान देता है। अपनी शानदार नीतियों, निवेश के लिए तैयार औद्योगिक केंद्रों और स्थिरता को मजबूत करके हमारा राज्य उद्योगों और स्टार्टअप्स दोनों के लिए बेहतरीन अवसर उपलब्ध करा रहा है। IMECE इंडिया भारत को एक नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए वैश्विक सहयोग को कार्यान्वित करने, इंजीनियरिंग अनुसंधान को आगे बढ़ाने और शिक्षा-उद्योग साझेदारी को मजबूत करने में मदद कर रहा है। साथ मिलकर, हम एक ऐसे भविष्य की  बुनियाद तैयार कर रहे हैं जहाँ भारत स्थायी नवाचार और औद्योगिक विकास में पूरी दुनिया को राह दिखाएगा।" 

स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक, श्री पवन कुमार चंदाना ने IMECE 2025 पर खुशी प्रकट करते हुए कहा, "भारत अब केवल उन्नत तकनीकों का उपभोक्ता नहीं है - हम अब विश्वस्तरीय डीप टेक का निर्माण और निर्यात दुनिया भर में कर रहे हैं। रक्षा से लेकर ड्रोन, बायोटेक से क्वांटम और अंतरिक्ष से लेकर सेमीकंडक्टर तक, भारतीय स्टार्टअप ऐसी सफलताओं की सीढ़ी चढ़ रहे हैं, जो उद्योगों और समाजों को बदल कर रख देंगी। स्काईरूट IMECE इंडिया 2025 का हिस्सा बनकर प्रसन्न है, और हम ऐसे प्लेटफॉर्म्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जो भारत को नवाचार प्रदर्शित करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करें।"

ASME इंडिया के अध्यक्ष एवं निदेशक श्री मधुकर शर्मा ने कहा, "IMECE इंडिया 2025 भारतीय इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और तकनीकी समुदायों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण सम्मेलन है। उन्हें वैश्विक नेटवर्क से जोड़कर और हमारे तकनीकी और इंजीनियरिंग समुदायों के माध्यम से अनुप्रयुक्त अनुसंधान को मजबूत करके, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और 3डी प्रिंटिंग, उन्नत सामग्री और विनिर्माण प्रौद्योगिकियां, थर्मल प्रौद्योगिकियों में उन्नति, गैस टर्बाइन, ऑफशोर पाइपलाइन ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली, साइबर फिजिकल सिस्टम + एआई/एमए AI/ML, और संरचनाएं संरचनात्मक गतिशीलता और सामग्री जैसे क्षेत्रों शामिल करके, हम स्थायी और अधिक नवो-उत्पादों के विकास को सुगम बना रहे हैं।”

ASME के अध्यक्ष लेस्टर के. सु ने कहा, "हम शोध एवं विकास में सहयोग देने, वैश्विक इंजीनियरिंग उपकरणों तक पहुँच बढ़ाने और IMECE  इंडिया जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से शिक्षा जगत और उद्योग को एक मंच पर लाने के लिए भारत के साथ साझेदारी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हम नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण से लेकर स्मार्ट विनिर्माण और लचीले बुनियादी ढाँचे तक, स्थिरता के क्षेत्र में भारत के शानदार कार्यों से विशेष रूप से प्रेरित हैं। ये सफलताएँ अगली सदी को आकार देंगी, और भारत पहले से ही इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है।" 

श्री संजय कुमार, आईएएस विशेष मुख्य सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभाग (ITE&C) और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने कहा "ITE&C और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तेलंगाना को नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता का केंद्र बनाने में मदद कर रहे हैं। प्रगतिशील नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और उद्योग के सहयोग से हम स्टार्टअप्स, MSMEs और वैश्विक उद्यमों के विकास के लिए एक मजबूत ईकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। IMECE इंडिया 2025 जैसे मंच न केवल भारत की इंजीनियरिंग और तकनीकी उत्कृष्टता को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि निवेश और नवाचार के लिए राज्य को एक पसंदीदा गंतव्य बनने की तेलंगाना की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करते हैं"।

डॉ. षणमुगा सुंदरम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, IMECE इंडिया 2025 ने कहा। "दुनिया के सबसे बड़े मैकेनिकल इंजीनियरों के सम्मेलन में अपना शोध-पत्र प्रस्तुत करना, हर शिक्षाविद का सपना हुआ करता था, और यह अवसर कभी केवल अमेरिका की यात्रा करने वालों को मिलता था। आज, यह सपना साकार हो गया है। यह अनूठा अवसर दुनिया भर के शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को उद्योग जगत के अग्रणी लोगों के इस सबसे बड़े सम्मेलन में शामिल होने, सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित करता है। यह हमें यह भी बताता है कि शिक्षण, सीखने और इंजीनियरिंग के प्रति भारत का नवीन दृष्टिकोण देश को आत्मनिर्भर बनाने में कैसे योगदान दे रहा है। यह उद्घाटन समारोह एक शानदार अनुभव का दावा करता है, जो भविष्य के सहयोग और विचारों के लिए एक मजबूत आधार का काम करेगा।" 

आईएमईसीई इंडिया के मुख्य विषय यथा स्थायित्व, नवाचार और समावेशिता पूर्ण भाषण, "नई ऊर्जा का विकास करना- स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने की दिशा में  आगे बढ़ने के लिए त्वरित हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी विकास और नियोजन के लिए जीवंत और सक्षम बुनियादी ढाँचे का निर्माण" में प्रदर्शित होते हैं। भारत ने स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, खासतौर पर हाइड्रोजन और अपशिष्ट-से-ऊर्जा, को समर्थन देने के लिए एक मज़बूत ईकोसिस्‍टम बनाने की दिशा में भारी प्रगति की है। पायलट-स्‍केल1 मेगावाट-10 मेगावाट हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं के पहले चरण पर काम चल रहा है, साथ  ही  नियामक अनुपालन और प्रमाणन प्रणाली तैयार कर रहे हैं। इसके बावजूद, उच्च लागत, कम तापमान पर भंडारण और कार्यबल को कुशल बनाने जैसी प्रमुख चुनौतियाँ अभी भी हैं। पैनल ने नवाचार में तेज़ी लाने, ऊर्जा तक समान पहुँच सुनिश्चित करने और मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत 2047, भारत सेमीकंडक्टर मिशन और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन जैसे राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप एक समेकित, भविष्य के लिए तैयार स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना का निर्माण करने के लिए उद्योग, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स और सरकार के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों की पड़ताल की है। 

दूसरे दिन की प्रमुख बातें

  • एमएसएमई और स्टार्टअप्स का सशक्तिकरण: एक समर्पित एमएसएमई कॉन्क्लेव में प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें श्री प्रमोद बी. श्रावगे (Thermax) द्वारा आपूर्तिकर्ता मूल्यांकन, डॉ. किशोर शेट्टी (बोइंग इंडिया) द्वारा एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में अवसर, और डॉ. शैलजा डी. (CSIR) की अध्यक्षता में CTTC, CGSSC, TASK, और NSDC के लीडर्स के साथ कौशल और प्रौद्योगिकी अपनाने पर एक पैनल चर्चा शामिल थी। वर्चुअल सत्रों में डॉ. एन. युवराज, आईएएस (आंध्र प्रदेश सरकार) ने भारत के विकास में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार प्रकट किए, और श्री संजय कुमार, आईएएस, मुख्य सचिव, तेलंगाना सरकार ने निवेश गंतव्य के रूप में राज्य की खूबियों पर प्रकाश डाला।
  • इंजीनियरिंग में महिलाएँ: "गियर बदलना: मैकेनिकल इंजीनियरिंग के भविष्य को आकार दे रही महिलाएँ" सत्र के दौरान सुश्री गीता राममूर्ति, प्रबंध निदेशक, केबीआर इंडिया; डॉ. रिमझिम गुप्ता, वरिष्ठ अनुप्रयुक्त वैज्ञानिक, पांडुव एप्लीकेशन; सुश्री श्रद्धा काले, सह-संस्थापक और CEO, ZephDroid CEO; और सुश्री मीरा रवि, COO, वियोमा मैन्युफैक्चरिंग, और सुश्री छाया टी, वरिष्ठ प्रबंधक, मैकेनिकल और स्ट्रक्चर्स इंजीनियरिंग, बोइंग ने डॉ. सुसान इप्री-ब्राउन, पूर्व ASME अध्यक्ष द्वारा संचालित, नवाचार और नेतृत्व में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला।
  • भविष्य के लिए तैयार कौशल और प्रौद्योगिकी कार्यशालाएँ: बिल्ड एंड बियॉन्ड वर्कशॉप्स और एलीवेट एमई करियर कनेक्ट में श्री सौविक चटर्जी और श्री रोहित भट्टाचार्य (मैथवर्क्स इंडिया) द्वारा रोबोटिक्स ऑटोनॉमी के लिए AI, डॉ. एम. मणिवन्नन (IIT मद्रास) द्वारा डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी, और सुश्री कविता कलीसेल्वी (टैलेंटेग्रिटी कंसल्टिंग) द्वारा कार्य कौशल का भविष्य पर व्यावहारिक सत्रों के दौरान अनुकूलनशीलता, सहयोग और करियर प्रबंधन पर जोर दिया गया।
  • इंजीनियरिंग शिक्षा संगोष्ठी: सत्रों में स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान केंद्र (USF) के विशिष्ट प्रोफेसर और निदेशक डॉ. योगी गोस्वामी का व्याख्यान, उसके बाद नवाचार और उत्पाद विकास स्टार्टअप्स पर पैनल चर्चाएँ, जिनमें स्थिरता और सामाजिक प्रभाव पर ज़ोर दिया गया; स्थिरता और हरित इंजीनियरिंग, में भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशनों के अनुरूप हरित प्रौद्योगिकियों और पाठ्यक्रमों को शामिल करने पर प्रकाश डाला गया; और मेक इन इंडिया, में आत्मनिर्भरता, स्वदेशी नवाचार और MSME सहयोग को बढ़ावा देने में इंजीनियरिंग शिक्षा की भूमिका पर बल दिया गया।
  • उद्यमियों और इनोवेटर्स के लिए मास्टरक्लास में महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया, जिनमें श्री शुभम अरोड़ा, सलाहकार, बोर्ड सदस्य - विधि, रणनीति, अनुपालन द्वारा ' इन्टलेक्चूअल प्रोपर्टी राइट्स एंड कार्पोरेट गवर्नेस', श्री विजय सिंह, CEO और प्रबंध निदेशक शून्य फोडर द्वारा 'गो-टू-मार्केट स्‍ट्रेटजी'' और वाधवानी फाउंडेशन द्वारा 'आइडिया-टू-MVP जर्नीज' शामिल हैं।
  •  चंडीगढ़ विश्वविद्यालय (प्रथम), विष्णु प्रौद्योगिकी संस्थान, आंध्र प्रदेश (द्वितीय), फेडरल विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (तृतीय) छात्र भागीदारी हैकाथॉन के विजेता हैं।

सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, साइबर-भौतिक प्रणालियां, एयरोस्पेस और AI/ML जैसे विविध विषयों के साथ, IMECE इंडिया 2025 भारत को सेवा अर्थव्यवस्था से नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था में बदलने  में मदद कर रहा है।

About ASME:

ASME India focuses on advancing interdisciplinary engineering fields by facilitating the presentation and exchange of new knowledge to establish and promote safe and ethical engineering practices, future workforce development, Hardware innovation for creating social impact and sustainable development. This is achieved through participation of some of the brightest and passion driven engineering talent for contributing in Standards Development, Personnel Certifications of proficiency attainment & testing, technical workshops, conferences & Publishing that foster innovation, and collaboration for professional development. ASME India also emphasizes leadership, mentorship, and skill enhancement, aligning with ASME's global mission to improve the quality of life through innovative engineering solutions.

Over 6000+ engineers as ASME Volunteers and members in India engage and organise themselves as empowered and recognised communities of engineering practice in several technical areas and domains of specialization by finding time out of their professional commitments to ideate collaborate and create new knowledge and share it with pride to be recognised and celebrate the spirit of being an engineer

In recent years, ASME has strengthened its presence in India by engaging and helping key stakeholders in industry, regulatory boards, research institutes and academia to explore collaborative opportunities and address and solve critical challenges in areas such as energy, sustainability, and healthcare.

ASME India continues to support the professional development of engineers and contribute to the greater good of the community through its various programs and initiatives.

About IMECE:

ASME's International Mechanical Engineering Congress & Exposition (IMECE) is the only event where research leaders from academia, government, and industry converge to make connections and share insights for innovation across engineering disciplines.

IMECE INDIA is being held in India for the first time to foster collaborations that engage stakeholders and partners from across Academia, Industry, National Research Laboratories along with Government funded bodies. This broad forum with salient perspectives and knowledge-sharing on technical advances within mechanical engineering, is specially curated by the engineering community leaders.

More Like This
February 17, 2025
ರೆವಾ ಯೂನಿವರ್ಸಿಟಿಯಲ್ಲಿ ನಡೆದ ಡ್ರೋನ್ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನದ ಕುರಿತಾದ ಎ.ಎಸ್.ಎಂ.ಇ. ಎಂಜಿನಿಯರಿಂಗ್ ಶಿಕ್ಷಣದ ವಿಚಾರ ಸಂಕಿರಣದಲ್ಲಿ ಉದ್ಯಮಕ್ಕೆ ಸನ್ನದ್ಧ ಎಂಜಿನಿಯರಿಂಗ್ ಕಲಿಕೆಗೆ ಒತ್ತು
ಮೆಕ್ಯಾನಿಕಲ್ ಎಂಜಿನಿಯರಿಂಗ್ ಸಮಿಟ್(MEEd) ಭಾಗವಾಗಿ ರೆವಾ ಯೂನಿವರ್ಸಿಟಿಯಲ್ಲಿ ಡ್ರೋನ್ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನದ ಎ.ಎಸ್.ಎಂ.ಇ. ಎಂಜಿನಿಯರಿಂಗ್ ಶಿಕ್ಷಣ ವಿಚಾರ ಸಂಕಿರಣ ಮತ್ತು ಕಾರ್ಯಾಗಾರವನ್ನು ನಡೆಸಲಾಗಿದ್ದು ಇದು ತರಗತಿಯ ಕಲಿಕೆ ಮತ್ತು ಉದ್ಯಮದ ನೇತೃತ್ವದ ಡ್ರೋನ್ ಬಳಕೆಯ ನಡುವಿನ ಅಂತರ ತುಂಬಲು ಆದ್ಯತೆ ನೀಡಿತ್ತು. ವೈಮಾನಿಕ, ಉತ್ಪಾದನೆ ಮತ್ತು ಡೀಪ್-ಟೆಕ್ ಆವಿಷ್ಕಾರದ ವೃದ್ಧಿಸುತ್ತಿರುವ ಕೇಂದ್ರವಾದ ಬೆಂಗಳೂರಿನಲ್ಲಿ ಆಯೋಜಿಸಲಾದ ಈ ವಿಚಾರ ಸಂಕಿರಣವು ನಿಜ-ಜೀವನದ ಬಳಕೆ, ನಿಯಂತ್ರಣದ ಅಗತ್ಯಗಳು ಮತ್ತು ಡ್ರೋನ್ ಇಕಿಸೊಸ್ಟಂನಲ್ಲಿ ಉದ್ಯಮ ಪ್ರೇರಿತ ಬಳಕೆಯ ಪ್ರಕರಣಗಳಿಗೆ ಪೂರಕವಾಗಿ ಹೇಗೆ ಎಂಜಿನಿಯರಿಂಗ್ ಶಿಕ್ಷಣವು ವಿಕಾಸಗೊಳ್ಳಬೇಕು ಎನ್ನುವುದಕ್ಕೆ ಆದ್ಯತೆ ನೀಡಿತು.
Press Release
SUBSCRIBE TO FOUNDATION FORWARD
Our quarterly newsletter with insights and updates from the ground
Thank you! Your submission has been received!
Oops! Something went wrong while submitting the form.
By submitting this information, you agree to receive marketing emails from ASME Foundation and accept our privacy policy. You can opt-out at any time.